आरएसएस ने मनाया विजयादशमी उत्सव, निकाला विशाल पथ संचलन, राष्ट्रवाद की आतंकवाद पर विजय का पर्व है विजयादशमी : किरवई

कोरबा/स्वराज टुडे:: विजयादशमी उत्सव के मुख्य वक्ता भारतीय मजदूर संघ के क्षेत्रीय संगठन मंत्री सुनील किरवई ने अपनी बात रखी और कई संदर्भ प्रस्तुत किये। उन्होंने कहा किआज के परिपेक्ष्य में विजयदशमी का पर्व राष्ट्रवाद का आतंकवाद के ऊपर विजय का पर्व है ऐसा कहने में कोई अतिशयोक्ति नहीं होना चाहिए। इसके अलावा धर्म, नीति और सत्य की जीत के मायने भी इसके साथ जुड़े हुए है। इसलिए शक्ति की उपासना को शांति का आधार बताया गया है। यह हमारे जीवन मूल्यों के लिए आवश्यक भी है। अरुणाचल प्रदेश में 10 वर्ष तक संगठन का कार्य करने वाले सुनील किरवई ने भगवान श्रीरामचन्द्र के अवतार और उनके सामाजिक , राष्ट्रीय योगदान की भी चर्चा की।
उन्होंने देश के विभिन्न क्षेत्रों में प्रचलित परंपरा और उनके संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सीता के संरक्षण के लिए जो भूमिका राजा जनक ने निभाई, वैसे लोग आज समाज मे आगे आ रहे है। किरवई ने हजारों वर्ष पूर्व श्रीराम द्वारा अहिल्या उद्धार, शबरी के जुठे बेर को खाने तथा निषादराज से सहज भाव से गंगा पार कराने के प्रसंग के माध्यम से बताया कि वे सामाजिकता और समरसता के अद्भुत उदाहरण भी थे। उन्होंने छत्तीसगढ़ में प्रचलित मितान परंपरा को उद्धरित करते हुए कहा कि सनातन संस्कृति श्रीराम के समय से चली आ रही है, जो अब भी जारी है। उस समय भी एक दूसरे से जुड़ने के लिए जाति नही पूछी गई थी, और इसे अभी भी कायम रखा गया है, यही तो सनातन है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इन्ही जीवन मूल्यों को आगे रखकर समाज के साथ मिलकर काम कर रहा है।