
निर्भया कांड सभी को याद होगा बस अगर किसी को याद नही है तो वह है परिवहन विभाग दिल्ली और उसमे कार्यरत आला अधिकारी । जी हां यह सच है और इसके सभी सबूत उपलब्ध है और कोई भी व्यक्ति इसकी जांच कर सकता है और आरटीआई के द्वारा परिवहन विभाग से भी प्राप्त कर सकता है।
दिल्ली में सार्वजनिक सेवा में कार्यरत सवारी वाहन मे एक महिला (निर्भया कांड) के साथ कृत्य की घटना पर भारत देश के गृह सचिव की अध्यक्षता में बनी कमेटी और उच्च न्यायालय दिल्ली द्वारा दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा के प्रति सजग रहने और दुबारा ऐसा नहीं हो के प्रति सभी व्यवसायिक सवारी वाहनों में पैनिक बटन लगवाने के दिशा निर्देश जारी किए गए थे।
दिल्ली परिवहन विभाग ने भारत सरकार, गृह मंत्रालय, उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालय दिल्ली, उपराज्यपाल और दिल्ली की जनता को गुमराह करने और महिलाओं की सुरक्षा के प्रति जारी दिशा निर्देश को राजस्व और अपनी 50 प्रतिशत हिस्सेदारी वाली कम्पनी डिम्ट्स को धन लाभ करवाने में लग गया।
परिवहन विभाग द्वारा दिशा निर्देश जारी होते ही तत्काल प्रभाव से दिल्ली में सार्वजनिक सवारी सेवा प्रदान करने वाले सभी वाहनों पर पैनिक बटन लगवाना अनिवार्य कर दिया और साथ में उसकी निगरानी के नाम पर वाहन मालिको पर प्रति वर्ष की दर पर फीस भी लेनी शुरु कर दी।
आपकी जानकारी हेतु बता दें आज दिनाक 24 जनवरी 2024 तक भी पैनिक बटन जिसके लिए परिवहन विभाग कई सालो से निगरानी के नाम पर वाहन मालिको से फीस बटोर रहा है को किसी भी विभाग के साथ नही जोड़ा जिससे पैनिक बटन का प्रयोग करने पर महिलाओं को सुरक्षा मुहैया हो सके।
पैनिक बटन की निगरानी या उसके प्रयोग पर सुरक्षा उपलब्ध करवाने के लिए कोई डाटा बेस सेंटर भी आज तक परिवहन विभाग द्वारा नही बनाया गया और तो और पैनिक बटन के डाटा बेस सेंटर के लिए भारत सरकार से पैसा मिलने के बाद भी शुरु नही किया। दिल्ली की सड़को पर महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करवाने की जगह पैसा कमाने वाले परिवहन विभाग के खिलाफ आखिर गृह मंत्रालय, सड़क परिवहन विभाग, उच्चतम न्यायालय भारत सरकार, उच्च न्यायालय दिल्ली और उपराज्यपाल दिल्ली द्वारा क्यों कोई जांच पड़ताल नही की गई और क्यों महिला सुरक्षा के नाम पर गुमराह करने वाले अधिकारी के खिलाफ नही की गई आज तक कोई सख्त कार्रवाई ?
महिलाओं को सुरक्षा मुहैया करवाने के जिम्मेदार ही जब मुंह मोड़ कर राजस्व में इज़ाफा करवाने में लग जाएं तो जवाब कोन देगा।
संजय बाटला