
परिवहन विशेष। एसडी सेठी। दिल्ली सिविल डिफेंस बस मार्शलों का धरना-प्रदर्शन दिल्ली सचिवालय पर जारी है। बडी संख्या में महिला बस मार्शल समेत पुरूष जवान दिन रात धरना-प्रदर्शन को जमाए हुए है। लेकिन उपराज्यपाल समेत दिल्ली सरकार के मुख्यमंत्री से लेकर तमाम जिम्मेवार सरकारी ऐजेंसिंया मार्शलों के बकाया 5 महीने के मेहनताने पर तमाशबीन बने हुए हैं। बडी संख्या में महिलाए अपना घर छोडकर रातभर सडक को बिछोना बनाकर आस पर डटी हुई हैं।उन्हें अब भी उम्मीद है कि सरकार बस मार्शलों के भूखे, पेट, दूध को तरस्ते नौनिहालों और उधार की जिंदगी जीने को मजदरों पर रहम करेगी। और उनका छीना गया रोजगार उन्हें वापस लौटायेगी महिला बस मार्शल सुहागिनों के सबसे बडे त्यौहार करवाचौथ को सडक पर ही मनाने को मजबूर है। सर्द वीरान रातों को वह सडक पर ही गुजार रही है। सभी सुहागिन मार्शल एक दूसरे की हथेलियों में मेहंदी लगाकर अपने सुहाग की सलामती के लिए व्रत तो कर ही रही हैं, साथ ही उनकी शपथ भी है कि जब तक दिल्ली सरकार उनके रोजगार को सुरक्षित नहीं करती है उनका संघर्ष जारी रहेगा। इस बावत दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल को भी इन बेबस बस मार्शलों की सुध लेनी चाहिए।